जीएचएसए की वार्षिक बैठक में उपराजदूत मैरीके एल. कार्लसन का वक्तव्य

जीएचएसए की वार्षिक बैठक में उपराजदूत मैरीके एल. कार्लसन का वक्तव्य

नमस्कार! गर्मजोशी से स्वागत के लिए आपका धन्यवाद। आज जीएचएस की वार्षिक मीटिंग के लिए अमेरिकी दूतावास की ओर से शामिल होने पर बहुत खुशी है। 2014 की शुरुआत से लेकर आज तक ग्लोबल हैल्थ सिक्यूरिटी एजेंडा के अंतर्गत जब हम भारत की उपलब्धियों का वर्णन करते हैं – विशेषकर गत नवंबर 2016 में वार्षिक समीक्षा बैठक में मिले थे तब से जो प्रगति हुई है उसके लिए प्रभावशाली शब्द पर्याप्त नहीं प्रतीत होता है,।

हमारे दोनों देशों के बीच में सहयोग के मुख्य क्षेत्र हमारे रणनीतिक संबंधों को रेखांकित करते हैं। वैश्विक व्यापार और यात्रा की उच्च मात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य और हमारे नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित करना काफी कठिन हो गया है। इसीलिए ग्लोबल हैल्थ सिक्यूरिटी एजेंडा इतना महत्वपूर्ण हो गया है – अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली बीमारियों के खतरों की रोकथाम करने, पता लगाने और निपटने के लिए साझा क्षमता में वृद्धि करने की अनुमति प्रदान करता है।

गत वर्ष पशु एवं मानवीय क्षेत्रों में रोगाणरोधी प्रतिरोध जो वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा और आधुनिक मेडिसिन के लिए मुख्य खतरे से उससे निपटने के लिए भारत की क्षमता निर्माण एक उल्लेखनीय उदाहरण आपका कार्य है। आईसीएमआर, एनसीडीसी, डब्ल्यूएच और अन्य भागीदारों ने रोगाणुरोधी प्रतिरोध पर मिलकर राष्ट्रीय कार्ययोजना बनाई। अस्पताल में हुए संक्रमण तथा एएमआर के खतरों की पहचान करने और निपटने के लिए निगरानी नेटवर्क और संपर्क का विस्तार किया और एक बाह्य गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम की स्थापना की। अमेरिका को इन महत्वपूर्ण प्रयासों में अमेरिकी सेंटरर्स फॉर डिजीज कंट्रोल और प्रीवेंशन, अमेरिकी एजेंसी एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट, और अन्य में हमारी टीमों के साथ भागीदार होने पर गर्व हैं, और 2018 में इस कार्य को सहयोग जारी रखने के लिए तत्पर हैं।

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