तवांग महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर राजदूत केनेथ आई. जस्टर का भाषण

ताशी डेलेक!

गुड ईवनिंग और गर्मजोशीपूर्ण स्वागत करने के लिए आप सभी का धन्यवाद। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनने के लिए के लिए आमंत्रित करने के लिए मैं मुख्यमंत्री पेमा खांडू और नई दिल्ली से तवांग की यात्रा करने वाले युवा मामलों और खेल राज्य मंत्री किरेन रिजिजू सराहना करता हूं। मुख्य अतिथि बनना और तवांग महोत्सव को पहली बार देखना एक बड़े सम्मान की बात है।

यह अरुणाचल प्रदेश की मेरी पहली यात्रा है, और मैं अमेरिकी लोगों की ओर से हार्दिक बधाई  देता हूं। मुझे आज पहले भी तवांग मठ, साथ ही साथ नुन्नेरी, बुद्ध पार्क, और युद्ध स्मारक का दौरा करने का सौभाग्य मिला है। इसलिए मैंने “भोर के प्रकाश वाले पहाड़ों की भूमि” के इतिहास का पता लगाना शुरू कर दिया है।

मुझे दो साल पहले भारत आने के बाद से पूरे पूर्वोत्तर में यात्रा करने का आनंद मिला है। इस क्षेत्र के प्रत्येक राज्य में, मैं समुदायों की जीवंत संस्कृतियों से प्रभावित हुआ हूं -जैसे संगीत, नृत्य, कला, वस्त्र और व्यंजन की आपकी विशिष्ट परंपराएं। पिछले साल, मैंने मणिपुर के संगाई महोत्सव और नागालैंड के हॉर्नबिल महोत्सव में भाग लिया – और अब मैं तवांग में आपके उत्सव का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूँ।

इस तरह के त्यौहार इस क्षेत्र की संस्कृतियों को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्कृति साझा करना अमेरिकी भारत की साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू है। प्रत्येक वर्ष, संयुक्त राज्य अमेरिका विभिन्न अनुदान कार्यक्रमों के माध्यम से भारत और शेष विश्व में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सहयोग करता है। उदाहरण के लिए, 2005 में, हमने सिक्किम के नामग्याल इंस्टीट्यूट ऑफ तिब्बतोलॉजी को संग्रहालय मजबूत करने और पांडुलिपियां संरक्षित करने के लिए आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए सहायता प्रदान की। इन अनुदानों के माध्यम से हम भावी पीढ़ियों के लिए भारत जैसे देशों की सांस्कृतिक विविधता की रक्षा करना चाहते हैं।

अमेरिका-भारत संबंध की आधारशिला हमारे लोगों से लोगों के बीच संबंध हैं। यह इस भावना के साथ है कि संयुक्त राज्य अमेरिका हमारे दो देशों के बीच पेशेवर, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान का समर्थन करता है। अरुणाचल प्रदेश के लोगों ने हमारे फुलब्राइट और अन्य एक्सचेंज कार्यक्रमों में भाग लिया है, जिसमें उन्होंने अमेरिका में समय बिताया है, ताकि वे हमारे देश के बारे में जान सकें और हमें आपके बारे में सिखा सकें, जिसमें महान राज्य अरुणाचल प्रदेश का इतिहास और परंपराएं शामिल हैं। । उदाहरण के लिए, 2017 में आपकी सरकार के एक सदस्य को ’’स्टट एंड लोकल गवर्नमेंट’’ पर हमारे इंटरनेशनल विजिटर  लीडरशिप प्रोग्राम  में भाग लेने के लिए सैन डिएगो, कैलिफ़ोर्निया;  डैनवर कोलेराडो; मैनचेस्टर, न्यू हैम्पशायर; और वाशिंगटन, डी. सी. की यात्रा पर जाने के लिए चुना गया था। इस परियोजना ने संयुक्त राज्य अमेरिका में राज्य और स्थानीय सरकारों की जिम्मेदारियों का पता लगाया, जैसे कि सार्वजनिक सेवाओं जैसे चुनाव, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा। इस प्रकार के आदान-प्रदान कार्यक्रम हमारे लोगों के लिए अमेरिका-भारत साझेदारी के मूर्त लाभों का अनुभव करने के लिए बहुत अच्छे अवसर हैं।

हमारे दोनों राष्ट्रों के बीच गहरे संबंधों का एक और उल्लेखनीय उदाहरण है अमेरिका-भारत 21वी सेंचुरी नॉलेज इनीशिएटिव। इस इनीशिएटिव के तहत, साउथ फ्लोरिडा विश्वविद्यालय ने पापुम पारे, अरुणाचल प्रदेश में राजीव गांधी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर एक इंडिजेनस स्टडीज फील्ड स्कूल की स्थापना की। इस परियोजना के माध्यम से, संयुक्त राज्य अमेरिका और अरुणाचल प्रदेश के फैकल्टी और छात्रों ने स्वदेशी लोगों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य  योजनाओं में सुधार करने के लिए भागीदारी की है।

हमारी भागीदारी का एक अन्य तत्व संयुक्त राज्य अमेरिका की एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) का कार्य है जो भारत सरकार और अरुणाचल प्रदेश राज्य के साथ कमजोर घरों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, सामर्थ्य और गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए कार्य करता है। वर्तमान में हम अरुणाचल प्रदेश के नामसाई और पापुम पारे जिलों में स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों को तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमने जनवरी से 120 सुविधाओं का उन्नतीकरण किया है, और अगले वर्ष के दौरान 69 अतिरिक्त सुविधाओं के साथ कार्य जारी रखेंगे। ये स्वास्थ्य केंद्र बुनियादी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों को पूरा करने के लिए रोकथाम  स्वास्थ्य प्रोत्साहन पर जोर देने के साथ सेवाओं की विस्तारित और व्यापक श्रृंखला प्रदान करेंगे। यूएसएआईडी की सहायता  स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को अरुणाचल प्रदेश और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के दूरदराज के क्षेत्रों में समुदायों के करीब महत्वपूर्ण सेवाओं को लाने में मदद कर रहा है, जिससे स्वस्थ और सशक्त समुदायों को बनाए रखा जा सके ताकि पुरानी बीमारी को रोका जा सके।

एक बार फिर, तवांग उत्सव  के शुभारंभ लिए आप सभी के साथ यहां आना बहुत सौभाग्य की बात है। मेरे सहयोगियों और मैं आपके द्वारा किए गए असाधारण आतिथ्य की सराहना करते हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि और अधिक अमेरिकी भारत के इस विशेष हिस्से का दौरा करेंगे। और मैं संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा के लिए आपका अधिक स्वागत करता हूं।

आपका बहुत बहुत धन्यवाद।